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दबंगों ने हड़प ली आदिवासियों की जमीन, सरपंच ने बंद किया हुक्का पानी

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद/कसडोल ब्लॉक मुख्यालय से महज सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम टेमरी के चार आदिवासी गरीब परिवार के लोगों का गांव के दबंगों ने हुक्का पानी बंद कर दिया है। जिससे इन परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पीडि़त परिवार के इतवारी राम धनवार, पदुम धनवार, छेदिन बाई, सोनाबाई पैकरा ने बताया कि गांव के जनपद सदस्य कोयल दास और कुछ दबंगों के द्वारा इनकी काबिज जमीन पर जबरन कब्ज़ा करने का प्रयास किया गया। किराना सामान देने से किया मना जब परिवार वालों ने इसका विरोध किया तो इनको प्रताडि़त किया जा रहा है।


प्रताडऩा का आलम यह है कि गांव में स्थित किराना दुकान से भी इनको सामान देने से मना कर दिया गया है। जिससे पीडि़त परिवार के सदस्यों को सामान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे ये परिवार अपनी छोटी-छोटी दैनिक उपयोग की सामग्री के लिए दूसरे गांव के किराना दूकान पर निर्भर हो गए है। जिससे इनको परेशानी हो रही है। दबंगों के द्वारा जबरन जमीन को कब्ज़ा किए जाने की शिकायत भी प्रशासन से कर चुके हैं। मगर कोई कार्यवाही नहीं होने से दबंगों के हौसले बुलंद हो गए है। राशन कार्ड निरस्त करने डाला दबाव ग्राम पंचायत टेमरी के सरपंच छेदुराम पैकरा ने बताया की गांव के कुछ लोग उनके पास भी आकर पीडि़त परिवार के राशन कार्ड को निरस्त करने को बोल रहे थे, ताकि इनको राशन न मिल सके और उन परिवार के ऊपर दबाव बना रहे थे। मगर पूर्व में बने हुए राशन कार्ड को निरस्त किया जाना संभव नहीं है करके मेरे द्वारा मना कर दिया गया है। उन्होंने बताया की टेमरी गांव के लोग आपस में बैठक करके सरकारी जमीन को आपस में बांटने के लिए गांव में कई बार बैठक करके निर्णय लिए है, जबकि जमीन बटवारे के संबंध में सरपंच सचिव को कुछ जानकारी ही नहीं है। वैसे भी सरकारी जमीन को आपस में बाटने का कोई प्रावधान ही नहीं है। न तो पंचायत की कोई सहमति है और न ही कोई सरकार का आदेश है। उसके बावजूद ये लोग दबंगई कर रहे हैं।


20 साल से कर रहे निवास बटवारे में इन गरीब आदिवासियों की जमीन को भी बाटने का प्रयास कर रहे है, जबकि ये गरीब आदिवासी परिवार पिछले 20 सालों से गांव के बाहर सरकारी जमीन पर निवास करते आ रहे हैं। कुछ जमीन पर खेत भी बना लिए गए हैं जिस पर ये अपना जीवन यापन कर रहे हैं। इस गांव में और बहुत से परिवार ने सरकारी जमीन पर कब्जा किए हुए हैं। मगर कुछ लोग इनकी ही जमीन से इनको हटाने का तुगलकी फरमान जारी कर इनको परेशान कर रहे हैं। विरोध करने पर प्रताडि़त किया जा रहा है। स्कूल कंपाउंड पर कब्जा पीडि़त पक्ष के लोगों ने बताया कि जनप्रतिनिधियों की ओर से स्कूल कंपाउंड के अंदर ही बेजा कब्जा करके घर बनाया गया है, जिस पर वे वर्तमान में निवास करते हंै। जो की स्कूल बाउंड्रीवाल के अंदर ही है। अभी भी उनके द्वारा बेजा कब्जा करके और मकान बनाया जा रहा है। मगर ग्रामीण उसके कब्जे को छोड़कर गरीब आदिवासियों को जमीन से बेदखल कर रहे हैं। 

Source 
http://m.dailyhunt.in/news/india/hindi/patrika-epaper-pathrika/dabango-ne-hadap-li-aadivasiyo-ki-jamin-sarapanch-ne-band-kiya-hukka-pani-newsid-49766992

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