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रोहित वेमुला को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर उमड़ा जनसैलाब

केंद्र सरकार द्वारा सारी तिकड़में भिड़ाने के बाद भी दलित स्कॉलर रोहित वेमुला की आत्महत्या को लोग भूले नहीं हैं। छात्र संगठन सरकार से लगातार वेमुला की आत्महत्या के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई का दवाब बना रहे हैं। रोहित को न्याय की मांग के लिए भारतीय बौध महासभा ने अंबेडकरनगर से जंतर मंतर तक विरोध मार्च निकाला। मार्च में डॉ. भीमराव अंबेडकर के पोते प्रकाश अंबेडकर और रोहित वेमुला के परिवार के लोग भी शामिल हैं।

प्रकाश अंबेडकर ने कहा, 'हम कन्हैया और रोहित वेमुला दोनों को न्याय दिलाने के लिए हम मार्च निकाल रहे हैं। हम चाहते हैं कि रोहित को न्याय मिले। उनकी मां को धमकाया गया है। उनका बयान दोबारा दर्ज होना चाहिए। इस मार्च में हैदराबाद विश्वविद्यालय समेत कई जगहों से आए छात्र भी शामिल हुए। छात्रों के इस मार्च में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी हिस्सा लेंगे। इसके अलावा मार्च में लेफ्ट नेता डी राजा और सीताराम येचुरी के भी शामिल होने की संभावना है।   

उमर खालिद, आशुतोष, रियाज, अनिर्बान और रामा नागा इस मार्च में शामिल नहीं हुए। इन पांचों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज है और कैंपस के अंदर ही मौजूद हैं। हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्रों के मार्च का जेएनयू स्टूडेंट यूनियन ने भी समर्थन की घोषणा की है। इस मार्च में जेएनयू के छात्र भी बड़ी संख्या में हिस्सा लेंगे। अंबेडकर भवन से शुरू होने वाला ये मार्च जंतर मंतर पर पहुंचकर सभा का रूप ले लेगा।   रोहित को इंसाफ की मांग कर रहे हैं छात्र    ये छात्र सरकार से रोहित मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। साथ ही उसके परिवार को वित्तीय सहायता मुहैया कराने की भी मांग है। इसक अलावा मार्च के जरिए छात्र, सरकार से रोहित वेमुला के नाम एक कानून बनाने की मांग कर रहे हैं, जिसके तहत धर्म और जाति से ऊपर उठते हुए सभी छात्रों के साथ एक समान व्यवहार किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में विश्वविद्यालयों में दलित छात्रों के साथ दुर्व्यवहार और उत्पीड़न के काफी मामले सामने आए हैं।  

Source: 
http://www.newspoint360.com/news/india/in-solidarity-with-jnu-rohith-more-than-10000-students-head-to-delhi/186.html

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