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संघ ने अंबेडकर के पुतले जलवाए थे: सिंधिया

कांग्रेस के ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा में आज (30/11/2015) आरोप लगाया कि हिंदू कोड को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कहने पर संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर के देशभर में पुतले जलवाए गए थे जिस पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने उनसे कहा कि इस बारे में उन्हें संदेह है और बेहतर होगा कि वह अपने तथ्यों को दुरूस्त कर लें। इस पर सिंधिया ने कहा, ‘‘यह सच्चाई है।’’ इसके जवाब में अध्यक्ष ने कहा, ‘‘मुझे संदेह है।’’
सिंधिया ने संविधान के प्रतिबद्धता के विषय पर सदन में चल रही चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा, ''बाबा साहिब ने हिंदू कोड पर काम किया था। वे चाहते थे कि हिंदू कोड के तहत संविधान के सिद्धांत उसमें डाले जाएं और भेदभाव मिटाया जाए। पति और पत्नी को शादी के बाद समान अधिकार मिलें। बेटे और बेटी के बीच अंतर न हो, उन्हें समान अधिकार मिलें।’’ उन्होंने कहा, ''लेकिन आश्चर्य है कि इस हिंदू कोड पर प्रतिक्रिया हुई और 70 जगह उनके (अम्बेडकर) पुतले जलाए गए। उन पर इल्जाम लगाया गया कि हिंदू कोड के नाम पर हिंदू धर्म और हिंदू परंपरा पर आक्रमण किया जा रहा है। पुतले जलाने का काम, आक्रमण और इल्जाम लगाने का काम किसी और ने नहीं बल्कि आरएसएस ने करवाया था।’’

सिंधिया ने कहा, ''आज यही सरकार उस आरएसएस को अपना मार्गदर्शक मानती है। इनके मंत्री वहां रिपोर्ट कार्ड सबमिट करते हैं। आज केवल नाम के लिए बाबा साहिब की विरासत को मनाया जा रहा है।’'

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दलित जनसंख्या के हिसाब से 10 बड़े राज्य

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छत्तीसगढ़ के सुकमा ज़िले के पेद्दरास नामके गाँव में 12 जनवरी 2016 की यह घटना है।  संयुक्त सैन्य बलों नें पेद्दरास गाँव में जाकर हमला किया।  सुरक्षा बलों से सरकार नें कहा हुआ है कि अगर गांव में कोई भी आदिवासी युवा लड़की अविवाहित मिलती है तो उसे नक्सली मान लिया जाय क्योंकि नक्सली लडकियां शादी नहीं करती हैं।  इसलिए आजकल बस्तर में सिपाही आदिवासी लड़कियों को जब पकड़ते हैं तो आदिवासी लडकियां सिपाहियों से कहती हैं कि हमें मत मारो हम शादी शुदा हैं। सिपाही लड़कियों से शादी शुदा होने के प्रमाण के रूप में उनके स्तनों में दूध होने का प्रमाण दिखाने के लिए कहते हैं। अधिकतर मामलों में सिपाही खुद ही आदिवासी लड़कियों के स्तनों को निचोड़ते हैं छत्तीसगढ़ के सुकमा ज़िले के पेद्दरास गाँव में विवेकानंद जयंती अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के दिन आदिवासी युवा लड़कियों पर सरकार के सिपाहियों नें हमला किया। सिपाहियों नें एक महिला का हाथ भी तोड़ दिया है। सिपाहियों नें गाँव की आदिवासी लड़कियों पर नक्सली होने का इलज़ाम लगाया लड़कियों नें कहा कि हमारी शादी हो चुकी है इस पर सिपाहियों नें लड़कियों से कहा कि सबूत दो कि तु