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अधिकारी ने दलित कर्मचारी पर फेंकी खौलती चाय, झुलसा चेहरा

बुंदेलखंड क्षेत्र में दलितों के साथ अत्‍याचार बढ़ता ही जा रहा है। महोबा के विकास भवन में स्थित पंचायत अनुभाग में कार्यरत जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी ने चतुर्थ श्रेणी एक दलित कर्मचारी के चेहरे पर गर्म चाय फेंक दी। इस वजह से कर्मचारी का चेहरा पूरी तरह से झुलस गया। अधिकारी ने कर्मचारी को जातिसूचक गालियां भी दीं। कर्मचारी का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने चाय लाने में थोड़ी देर कर दी थी। एसपी ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ एससी-एसटी एक्‍ट एवं धारा 323, 326, 504 और 506 के तहत केस दर्ज कर लिया है। वहीं, आरोपी घटना के बाद से फरार है।

महोबा के विकास भवन में पंचायत अनुभाग स्थित है। यहां अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी रामलाल गुप्‍ता कार्यरत हैं। इसी विभाग में ही चतुर्थ श्रेणी में एक दलित कर्मचारी अहिरवार भी काम करता है। गुरुवार को दोपहर के समय अधिकारी ने दलित कर्मचारी से चाय मंगवाई। वहीं, कैंटीन में भीड़ होने की वजह से चाय लाने में थोड़ी देर हो गई।

गुस्‍साया अधिकारी पहुंचा कैंटीन
चाय लाने में देर करने पर अधिकारी रामलाल गुप्‍ता गुस्‍से से आग बबूला हो गए और खुद कैंटीन पहुंच गए। यहां पहुंचते ही उन्‍होंने दलित कर्मचारी को भीड़ के सामने जातिसूचक गालियां दी। इसके बाद रखी गर्म चाय को कर्मचारी के चेहरे पर फेंक दिया। गर्म चाय के फेंकने से कर्मचारी का चेहरा बुरी तरह से झुलस गया। वहीं, घटना से पूरे कार्यालय में हड़कंप मच गया। सूत्रों की मानें तो, गुस्‍साए अधिकारी ने कर्मचारी को जमकर पीट भी दिया। घटना को अंजाम देने के बाद अधिकारी मौके से फरार हो गया।

कर्मचारियों ने किया हंगामा
घटना का पता चलते ही राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने कार्य का बिहष्‍कार कर दिया। इसके साथ सभी कर्मचारी विकास भवन में हंगामा करने लगे। कर्मचारी परिषद के जिला अध्यक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि अधिकारियों की यह मनमानी कतई बर्दाश्‍त नहीं की जाएगी। सुनील ने कहा कि कर्मचारी सरकार के नौकर हैं न कि किसी अधिकारी के गुलाम। पीड़ित अहिरवार ने बताया कि कार्यालय में अधिकारी पहले भी कई बार भेदभाव कर चुके हैं। कई बार उसे जातिसूचक गालियां भी दी गईं, लेकिन गुरुवार को अधिकारी ने सभी सीमाओं को लांघ दिया।

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