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पिछड़ों, दलितों के विकास में बाधा है हिंदू धर्म: कुशवाहा

पिछड़ा समाज महासभा के राष्ट्रीय महासचिव शिव नारायण कुशवाहा ने जहा कल दलित और पिछडो के उद्धार के लिए ब्राह्मणवादी व्यस्था को उखाड़ फेकने की बात कही थी वही उन्होंने आज कहा कि इस देश के मूल निवासियों को अधिकार से वंचित रखा गया है इस देश में पिछड़ों दलितों का सदियों से शोषण होता आया है। हिंदू धर्म के ठेकेदारों को उनकी शिक्षा अच्छी नहीं लगती अगर यह शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं तो तरह.तरह की बाधाएं उनके लिए खड़ा किया जाता है उनके आरक्षण को समाप्त करने के लिए तरह तरह के हथियार इस्तेमाल करते हैं। जब कि यह उनका मौलिक अधिकार हैं|

कुशवाहा ने यह भी कहा कि हिंदू धर्म के ठेकेदार केवल उन से गुलामी कराना चाहते हैं उन्हें अपना बंधुआ मजदूर बनाकर रखना चाहते हैं महिलाओं के शरीर से खेलना चाहते हैं और उनके विकास के लिए किसी तरह का क़दम नहीं उठाना चाहते हैं कुशवाहा ने कहा कि आज भी देश में दलितों को मंदिर में जाने से सख्ती से मना किया जा रहा है अगर वह मंदिर में जाते हैं तो मंदिर को अपवित्र समझ कर धुला जाता है ज़रा जरा सी बात पर उनके घरों में आग लगा दिया जाता है इन के महिलाओं से बलात्कार किया जाता हैण् यह लोग हिंदू हिंदू भाई भाई का नारा देकर आपस में नफरत पैदा करता है। दलितों को हिंदू कहकर उनकी भावनाओं को उभारता है और मुसलमानों से लड़ा देता है जैसा कि अतीत में बहुत सारे घटनाएँ देखने मे आई हैं और जब उनके अधिकारों की बात आती है तो उन्हें इंसान भी नहीं समझता है और उन से गंदगी साफ कराया जाता है

कुशवाहा ने यह भी कहा कि ब्राह्मणवाद मिट्टी, टट्टी, पत्थर जानवर पेड़ पौधे की पूजा करवाता है जबकि उन्हें मनुष्य तो दूर नाली के कीड़े से भी बदतर समझता हेण् कुशवाहा ने सभी मूल निवासियों से अपील की है कि ब्राह्मण वाद के बहकावे में न आकर अपना खोया हुआ राज पॉट हासिल करें जैसा कि इतिहास गवाह है कि सैकड़ों साल पहले मूल निवासी ही इस देश पर शासन करते थे ब्राह्मण वाद शक्तियों ने छल कपट करके उनसे सत्ता छीन लिया और उनको अपना गुलाम बना लिया ण्कुशवाहा ने यह भी बताया कि जो अंग्रेजों की दलाली करते थे वे आज राज कर रहे हैं और जिसने अंग्रेजों को यहां से भगाया है वह आज यहां दास हैं। यदि पिछड़े दलित धर्म, अंध विश्वास में फंसे रहे तो इस तरह के कितने भी सैकड़ों वर्ष बीत जाएंगे वह विकास नहीं कर पाएंगे।

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