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सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर आदिवासियों की अनदेखी का आरोप लगाया

विश्व आदिवासी दिवस (09/08/2015) पर काँग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर हमला करने के लिए दूसरा मोर्चा खोलते हुए रविवार को आरोप लगाया कि आदिवासियों की जमीन पर केंद्र की नजर है। एनडीए सरकार आदिवासियों के भूमि संबंधी अधिकारों को कमजोर कर रही है। इसके अलावा केंद्र सरकार आदिवासियों के स्वास्थ्य और विकास कार्यक्रमों के बजट आवंटन में भी कमी कर रही है।
सोनिया ने कहा कि केंद्र सरकार को वर्जीनियस खाखा समिति की सिफारिशों को स्वीकार करना चाहिए, जिसकी स्थापना 2013 में यूपीए सरकार ने की थी, ताकि किसी विलंब के बिना देश में आदिवासियों के सामाजिक-आर्थिक स्तर का आकलन किया जा सके। समिति ने आदिवासियों को और अलग-थलग पड़ने से रोकने और संसाधनों पर उनके व्यापक नियंत्रण के लिए कानून में बदलाव की सिफारिश की थी।
सोनिया ने कहा, 'भारत की 10 करोड़ 40 लाख की आदिवासी आबादी से कांग्रेस के विशेष संबंध रहे हैं। आदिवासियों का कल्याण और विकास कांग्रेस का स्वभाव में रहा है। आदिवासियों के विकास के लिए पंडित जवाहर लाल नेहरू ने पचंशील से हमारी आजादी के बाद आदिवासी अधिकारों को बरकरार रखने के लिए एक ढांचे की नींव रखी थी। तभी से केंद्र और राज्यों में रही कांग्रेस सरकार ने कई आदिवासी समर्थक कदम उठाए हैं।

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दलित जनसंख्या के हिसाब से 10 बड़े राज्य

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