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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दोपहर के वक्त एक लड़की को सरेआम अगवा किया गया। उसके साथ गैंगरेप हुआ। रेप के बाद सड़क पर फेंक दिया और घर पहुंची लड़की लहूलुहान अवस्था में तड़पती रही। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि जिस वक्त दरिंदे इस वारदात को अंजाम दे रहे थे, उस वक्त चार लड़कियां मौका-ए-वारदात पर मौजूद थीं। एक लड़की से बलात्कार हो रहा था और सामने ये लड़कियां सामने खड़ी मजे ले रही थीं।

दोपहर करीब ढाई बजे आठवीं कक्षा की यह बच्ची स्कूल से घर लौट रही थी तभी पीछे से दो युवकों ने उसके मुंह पर पट्टी बांध दी और जबरन कार में बिठा लिया। ये लोग बच्ची को दूर सूनसान इलाके में ले गये और वहां उसके साथ गैंगरेप किया। गैंगरेप के बाद पीड़‍िता को सड़क पर फेंक दिया। दर्द से करहाती बच्ची किसी तरह घर पहुंची तो उसके गुप्तांगों से भर-भर कर खून बह रहा था। खून इतना, मानो किसी का मर्डर हुआ हो।

इस दर्दनाक वारदात की तस्वीरों को देख आपको घृणा हो जायेगी उस यूपी सरकार से, जिसके मुख‍िया कहते हैं कि चार लोग रेप नहीं कर सकते, जो कहते हैं गलती तो सबसे हो जाती है|

मुझे समझ नही आ रह कि क्या टिप्पणी करे इस घटना पर बस रोने का मन हो रहा है

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"अम्बेडकरवाद" क्या है ?

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दलित जनसंख्या के हिसाब से 10 बड़े राज्य

2011 के जनसंख्या आकड़ो के हिसाब से देश में अनुसूचित जातियों की जनसंख्या कुल जनसंख्या का 16.6% हैं। तथा अनुमानत: 2015 तक अनुसूचित जातियों की कुल जनसंख्या 217460000 (21.74 कऱोड़) हैं। आप हमेशा सोचते होंगे की देश के किस राज्य में देश की सबसे अधिक दलित आवादी निवास करती हैं। दलित जनसंख्या के हिसाब से 10 बड़े राज्य नीचे सारणी में दिखाये गए हैं तथा उन राज्यों में लगभग कितनी दलित जनसंख्या हैं वो भी लिखी हुई हैं। दलित जनसंख्या के हिसाब से 10 बड़े राज्य   Rank राज्य  % दलित आबादी   दलित आबादी 1 उत्तर प्रदेश 20.5  % 44579300 2 पश्चिम बंगाल 10.7  % 23268220  3 बिहार 8.2  % 17831720  4 तमिलनाडु 7.2  % 15657120  5 आंध्र प्रदेश 6.9  % 15004740  6 महाराष्ट्र 6.6  % 14352360  7 राजस्थान 6.1  % 13265060  8 मध्य प्रदेश 5.6  % 12177760  9 कर्नाटक 5.2  % 1130792

अर्ध सैनिक बलों नें आदिवासी लड़कियों के स्तनों को निचोड़ कर जांच करी कि यह लडकियां शादी शुदा हैं या नहीं

छत्तीसगढ़ के सुकमा ज़िले के पेद्दरास नामके गाँव में 12 जनवरी 2016 की यह घटना है।  संयुक्त सैन्य बलों नें पेद्दरास गाँव में जाकर हमला किया।  सुरक्षा बलों से सरकार नें कहा हुआ है कि अगर गांव में कोई भी आदिवासी युवा लड़की अविवाहित मिलती है तो उसे नक्सली मान लिया जाय क्योंकि नक्सली लडकियां शादी नहीं करती हैं।  इसलिए आजकल बस्तर में सिपाही आदिवासी लड़कियों को जब पकड़ते हैं तो आदिवासी लडकियां सिपाहियों से कहती हैं कि हमें मत मारो हम शादी शुदा हैं। सिपाही लड़कियों से शादी शुदा होने के प्रमाण के रूप में उनके स्तनों में दूध होने का प्रमाण दिखाने के लिए कहते हैं। अधिकतर मामलों में सिपाही खुद ही आदिवासी लड़कियों के स्तनों को निचोड़ते हैं छत्तीसगढ़ के सुकमा ज़िले के पेद्दरास गाँव में विवेकानंद जयंती अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के दिन आदिवासी युवा लड़कियों पर सरकार के सिपाहियों नें हमला किया। सिपाहियों नें एक महिला का हाथ भी तोड़ दिया है। सिपाहियों नें गाँव की आदिवासी लड़कियों पर नक्सली होने का इलज़ाम लगाया लड़कियों नें कहा कि हमारी शादी हो चुकी है इस पर सिपाहियों नें लड़कियों से कहा कि सबूत दो कि तु