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प्रेम विवाह करने वाले जोड़ों को पंचायत ने गांव में घुसने से रोका

जनपद के मंसूरपुर क्षेत्र के गांव सोटा में खानदान के अंदर प्रेम विवाह के ‘जुर्म’ में दलित बिरादरी के दो लड़कियों और दो लड़कों को बिरादरी व गांव से निकालने का फरमान सुना दिया गया। दोनों जोड़ों का आरोप है कि पंचायत ने फरमान सुनाया कि एक गांव व एक जाति होने के कारण चारों भाई-बहन लगते हैं। लेकिन चारों ने प्रेम विवाह किया और गांव से फरार हो गए। दलित पंचायत ने अब इन चारों पर गांव में घुसने पर प्रतिबंध लगा दिया है। दोनों जोड़े इस मामले में कानून का सहारा ले रहे हैं।

जनपद के मंसूरपुर क्षेत्र में निकटवर्ती सोंटा गांव है। कुछ दिनों पहले गांव की दलित बस्ती से एक दलित परिवार की दो लड़कियां गांव से चली गर्इं। बाद में पता चला कि दोनों लड़कियों का उनके खानदान के ही दो चचेरे भाइयों से प्रेम प्रसंग चल रहा था ओर उन्होंने गांव से भाग कर मंदिर में शादी कर ली। मामले के खुलासे के बाद दलित बिरादरी में बैठकों का दौर शुरू हो गया।

दलित बिरादरी के लोगों में गुस्सा इस बात को लेकर है कि जब चारों भाई-बहन हैं तो उन्होंने प्रेम विवाह क्यों किया? इसी बीच लड़की के पिता ने थाने में मुकदमा दर्ज कराकर खानदान के दोनों लड़कों के खिलाफ दी शिकायत में कहा कि उनकी दोनों लड़कियों को खानदान के ही लड़के बहला-फुसलाकर ले गए।

मामला बढ़ते देख दलित पंचायत ने शनिवार को लड़के और लड़कियों को गांव में नहीं घुसने का फरमान सुना दिया। कहा गया कि रिश्ते में भाई-बहन होने के बावजूद चारों ने सामाजिक व्यवस्था, जाति, खानदान और परिवार के नियमों को चुनौती दी है। इसलिए उन्हें फिलहाल गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

इसी बीच दोनों युवतियां मंसूरपुर थाने पहुचीं और पुलिस को बयान को दिया कि दोनों बालिग हैं और उन्होंने अपनी मर्जी से यह कदम उठाया है। पुलिस अब इन दोनों लड़कियों के कोर्ट में बयान दर्ज कराएगी।

लड़कियों के इस कदम के बाद पंचायत उन पर नई सजा थोपना चाहती है। पंचायत चाहती है कि दोनों लड़कियों की शादी गांव से बाहर कर दी जाए। इस शादी का खर्च उनके साथ विवाह करने वाले चचेरे भाइयों के परिजनों से वसूला जाए। फिलहाल पुलिस मामले पर नजर बनाए हुए है।

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