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मध्य प्रदेश में दलित महिला को बलात्कार के बाद जिंदा जलाया।

जैसा की में पहले भी यहा लिखता रहा हूँ की मध्य प्रदेश में दलितो के खिलाफ हत्या और अपराध के मामलो में तेजी आई हैं। यह वही राज्य हैं जहा एक दलित लड़की को इस लिए बुरी तरह मारा गया क्योंकि गलती से उस की छाया एक ऊंचे जाति के व्यक्ति के खाने पर पड गयी थी।

यही नहीं राज्य से हर रोज़ दलितो के खिलाफ भेदभाव, छुआछूत, मार-पीट, महिलाओ से छेड-छाड़ तथा बलात्कार की घटनाएँ होती रहती हैं। राष्ट्रीय अपराध रेकॉर्ड शाखा के अकड़ो के अनुसार मध्य प्रदेश में दलितो के खिलाफ अपराधो के मामलो में बृद्धि हो रही हैं। 

में आज जिस घटना के बारे में लिखने जा रहा हूँ वह मध्य प्रदेश के मुरैना जिले की सबलगढ़ तहसील में घटी हैं। 17 अगस्त की रात को  दो दरिंदों ने एक 24 साल की दलित महिला के साथ शराब के नशे में बारी बारी से बलात्कार किया और फिर उस पर शराब छिड़क कर आग लगा दी जिससे महिला की मौत हो गयी।

अपराधी पान सिंह और राजेश सिंह पीडीट महिला के पति के दोस्त हैं। उन्होने पहले तो महिला के पति को जाम कर शराब पिलाई और जब बह नशे में धुत हो गया तो उसके घर जा कर उसस की पत्नी से जबर्दस्ती बलात्कार कर दिया। सबूत मितले के लिए दरिंदों ने महिला को शराब छिड़क कर आग लगा दी। महिला 50% से अधिक जल गयी जिसे मुरैना के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहा उससे बचाया नहीं जा सका। महिला ने मरने से पहले पुलिस को अपना बयान दिया और बलात्कार होने की पुष्टि की। 

ये वही लोग हैं जो वैसे तो दलितो के नजदीक नहीं आने देने का नाटक करते हैं क्यों की इनके अनुसार दलित अछूत होते हैं लेकिन जब इनको मौका मिलता हैं तो दलित महिलाओ से बलात्कार में छुआछूत नहीं मानते। दरअसल दलितों को आसान शिकार मन जाता हैं क्योंकी न तो इनकी राजनैतिक पहुंच होती हैं और न ही पुलिस और प्रशासन इनकी सुनता। 
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