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दलितों के नरसंहार को लेकर दलित संगठनो ने मोदी को लिखा नाराज़गी भरा पत्र

जैसा की मैंने इस ब्लॉग पर रणवीर सेना द्वारा बिहार में दलितों के नरसंहार और कैसे बीजेपी (BJP) के कुछ बड़े नेता रणवीर सेना की मदद कररहे थे। इसका खुलासा कोबरा पोस्ट ने एक स्टिंग ऑपरेशन में किया था। इस स्टिंग ऑपरेशन में बीजेपी नेता मुरली मनोहर जोशी, सी.पी. ठाकुर, यशवंत सिन्हा  और पूर्व प्रधान मंत्री चन्द्रशेकर का नाम लिया था और कहा था की इन्होने किस तरह रणवीर सेना को दलितों की हत्या के लिए उकसाया था। 
इसी स्टिंग ऑपरेशन का हवाला देते हुए ब्रिटेन में दलित अधिकारों के कुछ बड़े पैरोकार समूहों ने बिहार में दलितों के संहार पर कार्रवाई न करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कड़ी आलोचना की है। बिहार विधानसभा चुनावों से पूर्व न्यूज पोर्टल कोबरा पोस्ट की एक अंडरकवर फिल्म जारी होने पर ब्रिटेन के दलित संगठनों ने सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा है।
इस पत्र पर दलित सोलिडारिटी नेटवर्क की ओर से मीना वर्मा, फेडरेशन ऑफ अंबेडकराइट के अरुण कुमार, यूके के बौद्ध संगठन, कास्टवाचयूके के देवेंदर प्रसाद और साउथ एशिया सोलिडारिटी ग्रुप के अमृत विलसन के दस्तखत हैं।
पत्र में लिखा गया है कि वह लोग बिहार में दलितो के साथ हो रही भयावह घटनाओं से स्तब्ध हैं। पत्र में दावा किया गया है कि बिहार में दलितों के नरसंहार को लेकर हाल ही में नए खुलासे हुए हैं। लेकिन अब तक प्रधानमंत्री ने हत्यारों के खिलाफ कुछ कहा है और ना ही उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की है। पत्र में भारतीय जनता पार्टी के ठाकुर नेता गिरिराज सिंह के उस बयान का भी उल्लेख किया हैं जिसमें उन्होंने एक अभियुक्त को बिहार का गाँधी कहा था। यह अभियुक्त रणवीर सेना का प्रमुख रहा था। 
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दलित जनसंख्या के हिसाब से 10 बड़े राज्य

2011 के जनसंख्या आकड़ो के हिसाब से देश में अनुसूचित जातियों की जनसंख्या कुल जनसंख्या का 16.6% हैं। तथा अनुमानत: 2015 तक अनुसूचित जातियों की कुल जनसंख्या 217460000 (21.74 कऱोड़) हैं। आप हमेशा सोचते होंगे की देश के किस राज्य में देश की सबसे अधिक दलित आवादी निवास करती हैं। दलित जनसंख्या के हिसाब से 10 बड़े राज्य नीचे सारणी में दिखाये गए हैं तथा उन राज्यों में लगभग कितनी दलित जनसंख्या हैं वो भी लिखी हुई हैं। दलित जनसंख्या के हिसाब से 10 बड़े राज्य   Rank राज्य  % दलित आबादी   दलित आबादी 1 उत्तर प्रदेश 20.5  % 44579300 2 पश्चिम बंगाल 10.7  % 23268220  3 बिहार 8.2  % 17831720  4 तमिलनाडु 7.2  % 15657120  5 आंध्र प्रदेश 6.9  % 15004740  6 महाराष्ट्र 6.6  % 14352360  7 राजस्थान 6.1  % 13265060  8 मध्य प्रदेश 5.6  % 12177760  9 कर्नाटक 5.2  % 1130792

ख़ामोशी तोड़ो दलितों, आदिवासी बच्चियों के बलात्कार और हत्या पर पसरी यह चुप्पी भयानक है

आखिर राजस्थान में दो दलित छात्राओं से बलात्कार व आत्महत्या की नृसंश घटना पर इस देश में कोई मोमबत्ती क्यों नहीं जली? राजस्थान के सीकर जिले के नीम का थाना क्षेत्र के भगेगा गाँव के एक दलित बलाई परिवार की प्रथम वर्ष में पढ़ने वाली दो सगी बहनों के साथ तीन सवर्ण युवाओं ने घर में घुस कर सामुहिक बलात्कार किया। बलात्कारी पीड़िताओं के भाई के आ जाने के बाद भाग छूटे। 17 व 18 साल की इन दोनों दलित छात्राओं ने बलात्कार के बाद ट्रेन के आगे कूद कर जान दे दी। ये दर्दनाक और शर्मनाक घटना 5 अप्रैल 2017 को दिन में घटी। 8 घंटे प्रयास करने के बाद नामजद मुकदमा दर्ज किया गया। मामला बलात्कार, दलित अत्याचार,नाबालिग के लैंगिक शोषण का होने के बावजूद भी जानबूझकर सिर्फ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण की धारा 306 में मामला दर्ज किया गया। इलाके के सरपंच, विधायक और पुलिस उप अधीक्षक सब आरोपियों की जाति के है। पूरे मामले को शुरू से बिगाड़ा जा रहा है। राजस्थान में सक्रिय विभिन्न जाति संगठन ,समाज की महासभाएं, सामाजिक संगठन ,महिला संगठन ,दलों के गुलाम प्रकोष्ठ व मोर्चे तथा दलित संगठनों को भी कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड