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94% दलितों एवं अल्पसंख्यको को ही होती हैं सजा-ए-मौत

एक अंग्रेजी मैगजीन में लिखे अपने लेख में सांसद वरुण गांधी ने फांसी की सजा का पुरजोर विरोध किया है। उन्होंने लिखा की 75 फीसदी मौत की सजा गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को मिलती है। 94 पर्सेंट लोग दलितों को फांसी अपने लेख में नेशनल रिसर्च काउंसिल के एक शोध का हवाला देते हुए वरुण गांधी ने बताया कि मृत्यदंड पाए 75 पर्सेंट दोषी समाज के कमजोर वर्ग से संबंध रखते हैं, जिसमें 94 पर्सेंट लोग दलित और अल्पसंख्यक समुदाय से हैं। 
2014 में 64 लोगों को फांसी की सजा कोर्ट के फैसलों को आधार बनाते हुए वरुण गांधी ने लिखा, 2014 में भारतीय अदालतों द्वारा 64 लोगों को फांसी की सजा सुनाने के कारण भारत फांसी की सजा सुनाने वाले 55 देशों की लिस्ट में शीर्ष 10 देशों में शामिल हो गया है। सासंद वरुण गांधी का कहना कि फांसी मानवाधिकार का मुद्दा है। उन्होंने लिखा कि फांसी की सजा के कई विकल्प हैं, जैसे अमेरिका में लंबी सजा में काफी वक्त तक पैरोल पर विचार किए बगैर सजा दी जाती है। सरकार तलाशे मुत्यदंड का विकल्प राहुल गांधी ने फांसी का विकल्प तलाशने की बात पर जोर देते हुए कहा कि विश्व में 140 देशों ने मृत्युदंड खत्म कर दिया है। भारत में भी इसका विकल्प तलाशा जाना चाहिए और इसकी जिम्मेदारी सरकार की होनी चाहिए।

>>>Source: Rajasthan Patrika

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दलित जनसंख्या के हिसाब से 10 बड़े राज्य

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