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ऊंची जाति के व्यक्ति के खेत से होकर गुज़रने के कारण दलित को पीटा !!

तमिलनाडु के तिरुपुर जिले में एक चौका देने वाली घटना सामने आई हैं। एक 40 वर्षीया दलित को लोहे के सरिये अवं लात-घूसों से सिर्फ इस लिए पीटा गया क्यों की उस ने ऊपरी जाती के एक व्यक्ति के खेत से होकर गुजरने का साहस किया था। आज़ादी के 65 साल बाद भी देश में इस तरह की घटनाएं होना हमारे देश व दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के लिए शर्म की बात हैं। ऐसा इस लिए भी महत्वपूर्ण हो जाता हैं जब देश के संबिधान को बनाने में एक दलित ने मत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

उदुमलपेट में ए. पलानी को आरोपियों ने उस के हाथ पीछे रस्सी से व पैर उस की पतलून से बांध कर एक खम्बे से बाँध दिया। आरोपी उसे तब तक मारते रहे जब तक वह बेहोस न हो गया। उसे इलाज के लिए एक अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं। घटना 4 दिन पहले घटित हुई थी लेकिन मामला जब सामने आया जब कुछ मानवाधिकार कार्यकर्ता इसे पुलिस और मीडिया के सामने लाये। पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मामल दर्ज किया हैं लेकिन अभी कोई ग्रिफ्तार नहीं हैं।

यह घटना 9 जुलाई के शाम 5:30 घटित हुई। पलानी ऊपरी जाती के व्यक्ति थिरुमलैसाम्य के खेत से होकर गुजर था क्यों की वह रास्ता छोटा था तथा सभी गाँव वाले उस रास्ते को उपयोग में लेते हैं। जैसे ही थिरुमलैसाम्य ने पलानी को गुजरे हुइए देखा वह गुस्से से आग ववूला हो गया और चिल्लाने लगा की एक नीची जाती का व्यक्ति कैसे उस के खेत से गुजर हैं। पलानी ने यह पूरी घटना अस्पताल के विस्तर से पुलिस को फ़ोन पे बताई।

तमिलनाडु  हाल ही में इस तरह की कई घटनाएं सामने आई हैं जिनमें छोटी-छोटी बातो को लेकर दलितों के खिलाफ हिंसा एवं मार-पीट हुई हैं। कुछ घटनाओ में तो दलितों की जान तक चली गयी हैं  राष्ट्रीय अनुसूचित जाती आयोग के अध्य्क्ष श्री पी. अल. पुनिआ ने भी कहा हैं की राज्य में दलितों के खिलाफ हिंसा बढ़ हैं।
 
  

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