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दलितों को लुभाने के लिए सरकार 100 दलित छात्रों को ब्रिटेन और अमेरिका के दौरे पर भेजेगी

ऐसा लगता हैं सरकार दलितों का दिल जीतने के लिए प्रयास कर रही हैं। इसी को ध्यान में  रखते हुए  भारत सरकार  सौ दलित छात्रों को  संयुक्त राज्य अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम के दौरे पर  भेजने  का फैसला किया हैं।  इसके तहत दलित  छात्रों को उन् संस्थानों का दौरा करने का मौका मिलेगा जहां -जहां  बी. आर. अम्बेडकर  ने अध्ययन किया था।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय इस दौरे का प्रबन्ध्  करेगा। इसे  डॉ अंबेडकर फाउंडेशन अध्ययन यात्रा कहा जा रहा है। कम से कम एक स्नातक की डिग्री रखने वाले  छात्रों को कोलंबिया विश्वविद्यालय और लंदन स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स की यात्रा जाने का मौका  मिलेगा ।

छात्रों का चयन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा किया जाएगा। आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 30 जून है।

एक सप्ताह लंबी यात्रा में, 50-50  छात्रों को दोनों  जगह के भेजा जाएगा। यात्रा का उद्देश्य दलित छात्रों को इस बात के लिए प्रेरित करने के  लिए हैं के, एक दलित लड़का कैसे  ब्रिटेन और अमेरिका में ख्याति प्राप्त संस्थानों तक पहुंचने में सफल हो पाया।

इस विदेश यात्रा के लिए वही छात्र योग्य होंगे जिनके परिवार की मासिक आया साढ़े चार लाख रुपये  से कम हैं।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यह भी सुनश्चित करेगा की योगय और ज़रूरत मंद छात्र ही इस यात्रा पे जा पाएं।

यह बात धयान देने योग्य हैं की भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही वोटो के  लिए दलितों को रिझाने में लगी  हुयी हैं। हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी तथा सोनिया गांधी ने भी दलितो के मुद्दो को उठाना सुरु कर दिया हैं।


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