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दलितों को जाटों ने ट्रैक्टरों से कुचला, 3 मरे

जयपुर। राजस्थान के नागौर जिले में जमीन विवाद को लेकर खूनी संघर्ष हुआ है। गांव के कुछ दबंगों ने 3 दलितों को ट्रैक्टरों से कुचल दिया। इस घटना में महिलाओं सहित कई लोग जख्मी हुए हैं जिनका अलग-अलग अस्पतालों के इलाज चल रहा है। हिंसा की शुरूआत जाट समुदाय के एक शख्स की हत्या के बाद शुरू हुई। 

गांव में दबंगों का खौफ इस कदर फैल गया है कि सैकड़ों दलित अपना घर छोड़कर कहीं और चले गये हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे गांव में भारी पुलिसबल तैनात की गई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक मामला डांगवा का है। यहां के जाट समुदाय और दलितों के बीच कई सालों से भूमि विवाद चला रहा है।

इसी विवाद को लेकर गुरुवार को दलितों की तरफ से की गई। इस फायरिंग में जाट समुदाय के एक रसूखदार व्यक्ति की मौत हो गई। इस हत्या से बौखलाए जाटों ने कई दलितों को ट्रैक्टर से कुचल दिया गया, जिनमें से तीन लोगों की मौत हो गई और महिलाओं समेत कई अन्य घायल हो गए। इतना ही नहीं दलित महिलाओं के साथ छेड़खानी और बदसलूकी भी की गई।

डॉक्टरों को दी घायलों का इलाज ना करने की धमकी

डॉक्टरों को दी घायलों का इलाज ना करने की धमकी दलितों को जब अस्पताल में भर्ती कराया गया तो भारी संख्या में जाट वहां पहुंच गये। खूब हंगामा किया और डॉक्टरों को घायलों का इलाज करने से रोकने की कोशिश की। मामला मेरात सिटी के एक अस्पताल का है। इस अस्पताल में 6 महिलाएं भर्ती हैं। 


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"अम्बेडकरवाद" क्या है ?

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दलित जनसंख्या के हिसाब से 10 बड़े राज्य

2011 के जनसंख्या आकड़ो के हिसाब से देश में अनुसूचित जातियों की जनसंख्या कुल जनसंख्या का 16.6% हैं। तथा अनुमानत: 2015 तक अनुसूचित जातियों की कुल जनसंख्या 217460000 (21.74 कऱोड़) हैं। आप हमेशा सोचते होंगे की देश के किस राज्य में देश की सबसे अधिक दलित आवादी निवास करती हैं। दलित जनसंख्या के हिसाब से 10 बड़े राज्य नीचे सारणी में दिखाये गए हैं तथा उन राज्यों में लगभग कितनी दलित जनसंख्या हैं वो भी लिखी हुई हैं। दलित जनसंख्या के हिसाब से 10 बड़े राज्य   Rank राज्य  % दलित आबादी   दलित आबादी 1 उत्तर प्रदेश 20.5  % 44579300 2 पश्चिम बंगाल 10.7  % 23268220  3 बिहार 8.2  % 17831720  4 तमिलनाडु 7.2  % 15657120  5 आंध्र प्रदेश 6.9  % 15004740  6 महाराष्ट्र 6.6  % 14352360  7 राजस्थान 6.1  % 13265060  8 मध्य प्रदेश 5.6  % 12177760  9 कर्नाटक 5.2  % 1130792

अर्ध सैनिक बलों नें आदिवासी लड़कियों के स्तनों को निचोड़ कर जांच करी कि यह लडकियां शादी शुदा हैं या नहीं

छत्तीसगढ़ के सुकमा ज़िले के पेद्दरास नामके गाँव में 12 जनवरी 2016 की यह घटना है।  संयुक्त सैन्य बलों नें पेद्दरास गाँव में जाकर हमला किया।  सुरक्षा बलों से सरकार नें कहा हुआ है कि अगर गांव में कोई भी आदिवासी युवा लड़की अविवाहित मिलती है तो उसे नक्सली मान लिया जाय क्योंकि नक्सली लडकियां शादी नहीं करती हैं।  इसलिए आजकल बस्तर में सिपाही आदिवासी लड़कियों को जब पकड़ते हैं तो आदिवासी लडकियां सिपाहियों से कहती हैं कि हमें मत मारो हम शादी शुदा हैं। सिपाही लड़कियों से शादी शुदा होने के प्रमाण के रूप में उनके स्तनों में दूध होने का प्रमाण दिखाने के लिए कहते हैं। अधिकतर मामलों में सिपाही खुद ही आदिवासी लड़कियों के स्तनों को निचोड़ते हैं छत्तीसगढ़ के सुकमा ज़िले के पेद्दरास गाँव में विवेकानंद जयंती अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के दिन आदिवासी युवा लड़कियों पर सरकार के सिपाहियों नें हमला किया। सिपाहियों नें एक महिला का हाथ भी तोड़ दिया है। सिपाहियों नें गाँव की आदिवासी लड़कियों पर नक्सली होने का इलज़ाम लगाया लड़कियों नें कहा कि हमारी शादी हो चुकी है इस पर सिपाहियों नें लड़कियों से कहा कि सबूत दो कि तु