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दबंगों ने जबलपुर में दलित युवक को दी प्रेम करने की सजा, जूतों की माला, थूक चटवाया और बाल काट घुमाया

जबलपुर एमपी के जबलपुर से मानवता को शर्मसार करने वाली एक तस्वीर सामने आई है। दबंगों ने दलित युवक और उसके दोस्त के साथ दरिंदगी की हद पार कर दी है। आरोपियों ने पीड़ित युवक को प्रेम करने की सजा दी है। पीड़ित युवक ने अपनी प्रेमिका को मोबाइल गिफ्ट किया था। इससे नाराज दंबगों ने उसके साथ मारपीट की है। पहले युवक और उसके दोस्त के बाल काट दिए, उसके बाद जूते की माला पहनाकर पूरे गांव में घुमाया है। बताया जा रहा है कि दलित युवक का कसूर सिर्फ इतना था कि वह दबंग परिवार की लड़की से प्रेम करता था। दबंगों ने युवक को घर से बुलाकर इस घटना को अंजाम दिया है। दबंगों ने इस घटना का बाकायदा वीडियो भी बनाया था जो किसी तरह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। घटना के बाद पीड़ित दलित युवक की शिकायत पर पुलिस ने चार लोगों पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। ये है मामला घटना जबलपुर से 30 किलोमीटर दूर चरगंवा के दामन खमरिया गांव की है, जहां 22 मई को गांव के दबंगों ने दलित युवक और उसके भाई को घर से बुलाकर इस अमानवीय घटना को अंजाम दिया था। बताया जाता है पीड़ित राजकुमार डहरिया की दबंगों की

शख्स ने पेड़ काटने से किया इनकार तो दबंगों ने घरवालों को किया किडनैप, बच्चों के सामने प्रेग्नेंट पत्नी से रेप

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक वीभत्स घटना सामने आई है। दलित शख्स द्वारा पेड़ काटने से इनकार की वजह से उसकी प्रेग्नेंट पत्नी, दो बच्चों और सास को किडनैप कर लिया गया और सभी को चार दिनों तक टॉर्चर किया गया। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से 350 किलोमीटर दूर छतरपुर जिले में बीते बुधवार को पत्रकार द्वारा पुलिस को जानकारी दिए जाने के बाद सभी को छुड़वाया गया। इस दौरान, प्रेग्नेंट महिला का आरोप है कि उसके बच्चों के सामने उसके साथ रेप भी किया गया। पुलिस ने बताया है कि मुख्य आरोपी गांव का ही है और उसे गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि, उसके दो करीबी पकड़े जाने से पहले ही भाग गए। गुरुवार को महिला ने पत्रकारों को बताया कि गांव के एक दबंग ने उसके साथ बलात्कार किया। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में दर्ज की गई एफआईआर में बलात्कार का जिक्र नहीं किया है। एफआईआर में नामजद तीनों आरोपियों पर चोट पहुंचाने, अपहरण, अश्लीलता और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) कानून के तहत आरोप लगाया गया है। छतरपुर के पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने कहा कि वे मीडिया के सामने महिला के खुला

मायावती पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में रणदीप हुड्डा को UN ने एंबेसडर के पद से हटाया

नई दिल्ली: अभिनेता रणदीप हुड्डा अपनी एक पुरानी वीडियो के वायरल होने के बाद मुश्किल में आ गए हैं. इस वीडियो में वो वो बसपा प्रमुख मायावती का मजाक उड़ाते हुए नज़र आ रहे हैं. वीडियो वायरल होने के बाद मिली प्रतिक्रिया के बाद से जंगली जानवरों की प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण (सीएमएस) में लगी संयुक्त राष्ट्र की एक पर्यावरण इकाई के राजदूत के पद से हुड्डा को हटा दिया गया है. जैसे ही हुड्डा द्वारा उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती पर मजाक करने की क्लिप वायरल हुई. कई लोगों ने अभिनेता की उनकी ‘महिला विरोधी और जातिवादी’ टिप्पणी के लिए आलोचना की. माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर #ArrestRandeepHooda भी ट्रेंड कर रहा है.   हुड्डा पर निशाना साधते हुए करते हुए एक ट्विटर यूजर ने लिखा, ‘अगर यह नहीं बताता कि यह समाज कितना जातिवादी और सेक्सिस्ट है खासकर दलित महिलाओं के प्रति, मुझे नहीं पता कि क्या होगा, ‘मजाक’, दुस्साहस, भीड़. रणदीप हुड्डा बॉलीवुड के शीर्ष अभिनेता एक दलित महिला के बारे में बात कर रहे हैं, जो उत्पीड़ितों की आवाज रही है. वकील महमूद प्राचा ने कहा कि यह जातिवादी होने के अलावा न के

मप्र के बुंदेलखंड में दलित व्यक्ति ने काम करने से किया इनकार, गांव के बाहुबलियों ने उसकी गर्भवती पत्नी, बूढ़ी मां को मारा पीटा

  बुंदेलखंड के छतरपुर जिले में एक दलित व्यक्ति ने अपनी गर्भवती पत्नी और मां की कथित तौर पर पिटाई करने के आरोप में गांव के बाहुबलियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. घटना की सूचना राजनगर थाना क्षेत्र के ग्राम बंदरगढ़ की है. पुलिस ने कहा कि भयभीत परिवार को भागने के लिए मजबूर होना पड़ा और उसने कहीं और शरण ली। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और आरोपों की जांच कर रही है। पीड़ित परिवार के एक पड़ोसी बंदिया अहिरवार ने कहा कि उसका पड़ोसी गांव में दिहाड़ी मजदूर का काम करता है और जब गांव के कुछ बाहुबलियों ने उसे काम पर बुलाया. जब उसने उनके निर्देशों का पालन नहीं किया तो स्थानीय लोगों ने उसे यह कहते हुए सबक सिखाने की धमकी दी कि वे उसे गाँव में काम नहीं करने देंगे। इसके बाद आरोपी बाहुबली पीड़िता के घर पहुंचे और उसकी गर्भवती पत्नी और उसकी बूढ़ी सास के साथ मारपीट की. आरोपियों ने पीड़ितों को पुलिस को मामले की सूचना न देने की चेतावनी दी और उनके घर पर नजर रखने के लिए उनके दो आदमियों को भी तैनात किया। इस घटना से गांव में दहशत और दहशत फैल गई।

डॉ. बी.आर. अम्बेडकर द्वारा लिखित कुछ प्रसिद्ध पुस्तकों की सूची

  डॉ. बी.आर. अम्बेडकर को उनके समर्थकों द्वारा दुनिया भर   में ' बाबा साहब ' के नाम से जाना जाता है।   बाबासाहेब के निजी   पुस्तकालय राजगृह में 50 , 000 से अधिक पुस्तकें हैं और यह   विश्व का सबसे बड़ा   निजी पुस्तकालय था।   डॉ. बाबासाहेब   अम्बेडकर की 64 विषयों में कमान थी।   बाबा   साहब द्वारा   लिखित पुस्तकों की सूची जानने के लिए इस लेख   को पढ़ें। डॉ. अम्बेडकर को हिंदी , पाली , संस्कृत , अंग्रेजी , फ्रेंच ,  जर्मन , मराठी , फारसी और गुजराती जैसी 9 भाषाओं का ज्ञान   था।   डॉ. अम्बेडकर की पुस्तकें वर्तमान में भारत में सर्वाधिक बिकने वाली पुस्तकों में गिनी जाती हैं। डॉ. अम्बेडकर द्वारा लिखित कुछ प्रसिद्ध पुस्तकों की सूची इस प्रकार है     क्रम संख्या                     पुस्तक का नाम   किस साल प्रकासित हुई  1. भारत में जातियाँ: उनका तंत्र , उत्पत्ति और विकास   1916  2.   मूक नायक (साप्ताहिक)   1920  3.   रुपये की समस्या: इसकी उत्पत्ति और इसका समाध