ख़ामोशी तोड़ो दलितों, आदिवासी बच्चियों के बलात्कार और हत्या पर पसरी यह चुप्पी भयानक है

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आखिर राजस्थान में दो दलित छात्राओं से बलात्कार व आत्महत्या की नृसंश घटना पर इस देश में कोई मोमबत्ती क्यों नहीं जली?

राजस्थान के सीकर जिले के नीम का थाना क्षेत्र के भगेगा गाँव के एक दलित बलाई परिवार की प्रथम वर्ष में पढ़ने वाली दो सगी बहनों के साथ तीन सवर्ण युवाओं ने घर में घुस कर सामुहिक बलात्कार किया।

बलात्कारी पीड़िताओं के भाई के आ जाने के बाद भाग छूटे। 17 व 18 साल की इन दोनों दलित छात्राओं ने बलात्कार के बाद ट्रेन के आगे कूद कर जान दे दी।

ये दर्दनाक और शर्मनाक घटना 5 अप्रैल 2017 को दिन में घटी। 8 घंटे प्रयास करने के बाद नामजद मुकदमा दर्ज किया गया। मामला बलात्कार, दलित अत्याचार,नाबालिग के लैंगिक शोषण का होने के बावजूद भी जानबूझकर सिर्फ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण की धारा 306 में मामला दर्ज किया गया। इलाके के सरपंच, विधायक और पुलिस उप अधीक्षक सब आरोपियों की जाति के है। पूरे मामले को शुरू से बिगाड़ा जा रहा है।

राजस्थान में सक्रिय विभिन्न जाति संगठन ,समाज की महासभाएं, सामाजिक संगठन ,महिला संगठन ,दलों के गुलाम प्रकोष्ठ व मोर्चे तथा दलित संगठनों को भी कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ा। सब  अपने अपने गोरखधंधे में व्यस्त है। एक आध को छोड़ कर कोई भी इस गरीब पीड़ित दलित परिवार से मिलने तक नहीं पंहुचा।

सवाल उठता है कि महिलाओं के साथ यौनिक बर्बरता के खिलाफ जनपथ तथा जंतर मंतर पर सड़कों पर उतरने वाले साथी ,उछल उछल कर नारे लगाने वाले क्रन्तिकारी, मोमबत्तियां जलाने वाले संवेदनशील भारतीयों की संवेदना बलात्कार पीड़ित दलित आदिवासी महिलाओं के लिए संवेदन शून्यता से क्यों भर जाती है?

मुझे मालूम है कि आप सब लोग बाबा साहब की 126वी जयंती के समारोह को सफल बनाने में सलंग्न होंगे, मगर इस बार के आयोजन में अगर हम भगेगा की इन दलित बहनों के साथ हुए अमानवीय अत्याचार अन्याय के खिलाफ नहीं बोलेंगे तो फिर कब बोलेंगे?

14 अप्रैल को हर जगह इस क्रूर कांड की कड़ी भर्त्सना कीजिये, पीड़ितों के लिए न्याय मांगिये,दलित आदिवासी एवम अन्य वंचित तबके की पीड़ित स्त्रियों के लिए आवाज़ उठाइये। अगर हम ही नहीं बोलेंगे तो हमारे लिए कौन बोलेगा। कोशिश कीजिये भगेगा जाने की, पीड़ित परिवार को संबल देने की ,उनके संघर्ष में सहायक होने की।
मानव अधिकार कार्यकर्ता कैलाश मीणा का आभार, जिन्होंने इस बारे में जानकारी दी और पीड़ित परिवार से मिलवाया। आप भी इस बारे में साथी Kailash Mina से सीधे इस नम्बर  09928136988 बात कर सकते है।
इंतज़ार मत कीजिये, न्याय की लड़ाई के लिए आगे आना ही अम्बेडकर के कारवां को आगे बढ़ाना है। अगर हम भगेगा के लालचंद वर्मा के परिवार को न्याय दिला पाये तो यह अम्बेडकर जयंती मनाना सार्थक हो जायेगा।

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं।)

संपादन- भवेंद्र प्रकाश

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