वसुंधरा राज में दलित नाबालिग छात्रा से 8 आचार्य करते रहे डेढ़ साल से रेप

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राजस्थान के बीकानेर में सरस्वती शिक्षण संस्था के आठ आचार्यों द्वारा एक नाबालिग दलित लड़की के साथ डेढ़ साल तक रेप करने का शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है।



एसपी के दखल के बाद पुलिस ने मामला दर्ज तो कर लिया लेकिन साथ ही लड़की के दो भाइयों के खिलाफ भी घर में घुसकर मारपीट करने का मामला दर्ज कर लिया है।आरोपी शिक्षक फरार हैं, लेकिन लड़की के भाइयों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।

सरस्वती शिक्षण संस्था के प्राचार्य, स्कूल प्रबंधन के पदाधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है और वो सब मामले को दबाने में लगे हैं। इलाके में ये संस्था बच्चों को आदर्श नागरिक बनने, देशभक्ति और संस्कृति प्रेम का भाव जगाने वाली शिक्षा देने का दावा करती है। 



बीकानेर के नोखा इलाके में साजनवासी गांव की सरस्वती शिक्षण संस्था में पिछले डेढ़ वर्ष ये 8 शिक्षक एकअश्लील क्लिप के नाम पर 13 वर्षीय छात्रा को ब्लैकमेल करके उसके साथ रेप करते रहे। इस दौरान लड़की को इतनी ज्यादा गर्भनिरोधक गोलियाँ खिलाई गईं कि उसे कैंसर हो गया। 


दुष्कर्मी शिक्षकों ने पहले स्कूल की छुट्टी के बाद बच्ची को कमरे में बंद करके उसके कपड़े उतरवाए और उसकी अश्लील क्लिप बना ली। बाद में इसे सबको दिखा देने का डर दिखाकर उसके साथ रेप करते रहे।

तंग आकर पीड़िता ने एक दिन सारी बात अपनी मां को बता दी। जिसके बाद उसके पिता और मां ने नोखा थाने में सरस्वती शिक्षण संस्था के आचार्य- वीरेन्द्र, विक्रम, विकास, पवन, हनुमान, रोहित, दुलीचंद और बिजेन्द्र के खिलाफ यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें डाँटकर भगा दिया। बाद में पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद ही रिपोर्ट दर्ज की गई।

बच्ची ने पुलिस को बताया कि सभी आचार्य स्कूल की छुट्टी हो जाने के बाद उसे डरा धमकाकर उसका यौन शोषण करते थे।

गर्भनिरोधक गोलियों के अत्यधिक सेवन से पीडिता को अब कैंसर हो गया है। उसे पीबीएम हॉस्पीटल के कैंसर रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया गया है। मामला सामने आने के बाद स्कूल की अन्य छात्राएं डरी हुई हैं। पुलिस किसी को भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है। आठों दुष्कर्मी शिक्षक फरार है।

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