धम्म चेतना यात्रा में दलितों को जुटाने में नाकाम रही भाजपा, नहीं दिखी भीड़

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कानपुर आईं धम्म चेतना यात्रा के समापन के मौके पर बीजेपी नेताओं का 25 हजार लोगों के कार्यक्रम में आने का दावा फेल रहा। करीब 12:30 बजे तक कार्यक्रम स्थल पर करीब 5 हजार लोग ही पहुंचे थे। जिस कारण भाजपाईयों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का कार्यक्रम भी तय समय से लेट कर दिया। दलितों को रिझाने के लिए 6 महीने पहले सारनाथ से शुरू की गई धम्म चेतना यात्रा में विपक्ष शुरू से ही कम भीड़ के आरोप लगाता रहा है।

यात्रा के समापन पर बृजेंद्र स्वरूप पार्क में शुरू हुआ दलित पिछड़ा महासम्मेलन भी इससे अलग नहीं रहा हैं। दोपहर 12:30 बजे तक मुश्किल से आधी कुर्सियां ही भर पाई थी। बाहर से बसों से आए लोगों को बृजेंद्र स्वरूप पार्क के पास ही उतरना था लेकिन आयोजक मंच से आरोप लगाते रहे कि बसों को प्रशासन दूर ही रोक रहा है। बीजेपी नेताओं ने दावा किया था कि यात्रा के समापन के मौके पर 25 से 30 हजार लोगों की भीड़ रहेंगी लेकिन उनका यह दावा महासम्मेलन में विफल रहा।

कुर्सियों को भरने में आयोजकों को 1 बजे गया जिसके बाद ही 11:45 से शुरू होने वाला कार्यक्रम दोपहर बाद शुरू किया जा सका। वहीं मंच से लगातार बाबा भीमराव अम्बेडकर और गौतम बुद्ध के नारे लगाते रहे। मंच के बाई ओर बौद्ध भिक्षुओं का माला पहनाकर स्वागत किया गया। जबकि भाजपाई ढोल-नगाड़ों के साथ झंडा लेकर पहुँचे। हालांकि मंच पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के आते ही अचानक भीड़ पंडाल में उन्हें सुनने पहुंच गई।

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