दलित प्रधान बैठी तो कुर्सी को पानी से धुलवाया

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सामाजिक भेदभाव दूर करने की सरकारी दावों की पोल खोलती एक घटना कानपुर देहात जिले के पास गजनेर के गांव विरसिंहपुर में हुई। यहां सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक ने उस कुर्सी को पानी से रगड़ कर धुलवाया, जिस पर कुछ देर पहले दलित बिरादरी की महिला ग्राम प्रधान बैठ गई थीं। मामला प्रशासन तक पहुंचा है।



विरसिंहपुर में दलित बिरादरी के शैलेंद्र कुमार की पत्नी पप्पी हाल में प्रधान बनी हैं। जन प्रतिनिधि होने के नाते मंगलवार को वह गांव के स्कूल गई थीं। बच्चों से मिड डे मील के बारे में पूछा। कुछ बच्चों ने स्कूल में जातीय भेदभाव की बात कही। इस पर उन्होंने प्रधानाध्यापक संतोष कुमार शर्मा से बात की। प्रधान का आरोप है कि संतोष ने उनके साथ भी गलत व्यवहार किया। कई लोग साथ में होने के कारण उन्होंने बैठने को कुर्सी तो दी मगर उनके स्कूल से लौटते ही कुर्सी को पानी से रगड़ कर धुलवा डाला। कई बच्चों को पानी लाने के काम पर लगाया और कुछ से कुर्सी की सफाई कराई। प्रधान ने यह भी आरोप लगाया कि लौट कर आने और कुर्सी धुलवाने का विरोध करने पर हेडमास्टर ने उनका हाथ पकड़कर मरोड़ दिया।


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पति शैलेंद्र को जानकारी दी तो गांव के तमाम लोग इकट्ठा हुए और फिर माती मुख्यालय पहुंचे। यहां एडीएम का अर्जी देकर पूरे मामले से अवगत कराया। साथ ही हेडमास्टर के खिलाफ कार्रवाई करने और ग्राम प्रधान को सुरक्षा दिए जाने की मांग की।


इस मामले में हेडमास्टर संतोष कुमार शर्मा ने कहा कि उन पर लगे आरोप पूरी तरह निराधार हैं। न कुर्सी धुलवाई और न ही जातीय भावना के आधार पर काम किया। ग्राम प्रधान और उनके सगे-संबंधी मिड डे मील में प्रयुक्त हो रही सामग्री के बारे में पूछताछ करने अक्सर स्कूल आ जाते हैं। इससे शिक्षण कार्य बाधित होता है। इस लिहाज से उन्हें सहयोग करने को कहा गया था। मंगलवार को ग्राम प्रधान और उनके समर्थकों ने खुद स्कूल आकर अभद्रता की। उन्होंने चौकी पुलिस को इसकी जानकारी दी है।

Source:
http://www.livehindustan.com/news/uttarpradesh/article1-social-discrimination-public-school-headmaster-dalit-pradhan-515134.html

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