तमिलनाडु में आपदा राहत में भी दलितों के साथ भेद भाव हो रहा हैं !

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सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में दलितों के साथ जाति के आधार पर भेद भाव कोई नई बात नहीं हैं। लेकिन तमिलनाडु के कड्डलोर में तो बाढ़ से पीड़ितो को राहत पहुचाने में भी भेद भाव हो रहा हैं। 

कुड्डालोर जिले के परंगीपत्ताी ब्लॉक के आंबेडकर नगर में बाढ़ से पीड़ित दलित परिवारो को 3 हफ्तों से कोई सुध लेना वाला नहीं हैं। एक इंग्लिश ब्लॉग में छपी खबर के अनुसार इस दलित बस्ती में पीड़ित लोगो की सुध लेना वाला कोई नहीं। हैं इस बस्ती  ज़यादातर घर कच्चे हैं और बाढ़ से उनको काफी नुकसान पंहुचा हैं। 
आंबेडकर नगर का नज़ारा 

वैसे तो पुरे तमिलनाडु में बाढ़ के बाद अब जन-जीवन सामान्य होने लगा हैं लेकिन इस दलित बस्ती में अभी भी हालत ख़राब हैं। रिपोर्ट के अनुसार कुड्डालोर जिले के 8400 घरो का सर्वे किया गया जिनमें से 1337 घरो को बढ़ से नुक्सान हुआ हैं उनमें 1276 घर दलितों के हैं। 

आंबेडकर नगर के जयादातर दलित परिवार निचले इलाको में रहते हैं। लगभग 10 साल पहले रोड बनाने के लिए दलित परिवारो को ऊँचे स्थानो से विस्थापित कर दिया था। 

स्रोत  http://scroll.in/article/775850/a-dalit-village-in-cuddalore-was-left-to-fend-for-itself-through-36-days-of-flooding

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