दलित परिवार को मंदिर में चढऩे से रोका

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राजस्थान में कोटा के  पास सांगोद थाना क्षेत्र के बोरदा गांव में गुरुवार को दलित परिवार को कुछ ग्रामीणों ने मंदिर में दर्शन करने से रोक दिया। इस पर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाइश कर मंदिर खुलवाया और दर्शन करवाकर मामला शांत किया। कुछ दिन पूर्व भी जयपुर में एक दलित महिला को कुछ ऊँची जाती के लोगो ने मंदिर में प्रवेश करने से रोक था

पुलिस के अनुसार बोरदा में मेघवाल समाज के एक जने की पिछले दिनों मौत हुई थी। गुरुवार दोपहर तीन बजे बारहवें की रस्म के बाद परिवार के लोग दर्शन करने रघुनाथ मंदिर पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें मंदिर पर चढऩे से रोक दिया। इस पर दलित परिवार एवं ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया। दोनों पक्ष झगड़े पर आमादा हो गए। सूचना पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।

मौके पर पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों से विवाद की जानकारी लेकर समझाइश की। पुजारी को बुलाकर मंदिर का ताला खुलवाया तथा दलित परिवार को दर्शन कराए व ढोक लगाई। इस दौरान भी ग्रामीण बाहर विरोध करते रहे, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के चलते वे ज्यादा कुछ नहीं कर पाए।

एक तरफ तो हम गाय जो की एक जानवर हैं की पूजा करते हैं और उसके मूत्र को भी पवित्र मानते हैं लेकिन एक दलित व्यक्ति को मंदिर में भी प्रवेश नहीं करने दिया जाता। हमारा समाज ऐसे कई विरोधाभासो से भरा पड़ा हैं।
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