अत्यंत पिछड़ी जाति को अनुसूचित जाति बनाने का विरोध

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किशनगंज। अत्यंत पिछड़ी जाति को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने के राज्य सरकार के फैसले के विरोध में अनुसूचित जाति के लोग एकत्र हो रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्यपाल, बिहार, लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम विलास पासवान व पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को डाक के माध्यम से ज्ञापन दलित वंचित कल्याण संघ के बैनर तले भेजा गया है ।

तांती को बना दिया गया है अनुसूचित जाति

बिहार सरकार के अपर सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग के अनुसार एक जुलाई 2015 से अत्यंत पिछड़ी जाति तांती को अनुसूचित जाति की उपाधि दी गई है। तांती को अनुसूजित जाति की सूची में क्रमांक-19 पर दर्ज पान/स्वांसी जाति का प्रमाणपत्र निर्गत करने का आदेश जारी किया गया है। फिलहाल स्थानीय प्रशासन को इस बावत कोई जानकारी नहीं है। वहीं तांती समुदाय में इसे लेकर खुशी तो कहीं गम है।

बिहार अधिनियम -12,1993 की धारा -9(2) के अनुसार राज्य आयोग की राय मानने के लिए सामान्यत: राज्य सरकार बाध्य होगी। इसी आलोक में अत्यंत पिछड़ी जाति तांती को अनुसूचित जाति में शामिल पान/स्वांसी अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र निर्गत करने का आदेश जारी किया गया है ।

-राजेंद्र राम, सरकार के अपर सचिव, बिहार।

सूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों को आरक्षण भारतीय संविधन की धारा 341 के तहत प्रद्त्त है । इस सूची में किसी और जाति को समावेश करने का अधिकार केवल लोकसभा को है।। इसका दलित वंचित कल्याण समिति विरोध करेगी। हम कोर्ट में जाएंगे।

- सचिव ध्यानी पासवान, दलित वंचित कल्याण समिति, किशनगंज।

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