हरियाणा में 30 से अधिक दलित परिवारों को गाव से निकाला

कोई टिप्पणी नहीं
हरियाणा का बवाना गाव फिर से एक बार चर्चा इस बार भी दलितों के खिलाफ अत्याचारों को लेकर। इस गाँव में सपेरा जाती के 30 से भी अधिक परिवारो को कुछ दबंगो ने सनिवार (22/08/2015) उनके घरो से निकाल दिया। गाँव से निकाले गए परिवारो का कहना हैं की दबंगों ने उन्हें घरो से बाहर निकालने के लिए JCB मशीन और ट्रेक्टर से उनके घर तोड़ दिए हैं।
गाँव वाले उस ज़मीन पर स्टेडियम बनाना चाहते हैं जिस पर सपेरा जाति के लोग 2 दसको से रह रहे थे। गाँव से बहार निकले गए परिवारों ने खुले में महेंद्रगढ़ के पास सरण ले रखी हैं। पीड़ित परिवारों ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवादी थी लेकिन प्रशासन ने कोई करवाई नहीं करी हैं।

दलित परिवार बता रहे हैं के वो बवाना में पिचले 30 सालो से रह रहे हैं उनके पास रसन कार्ड, आधार कार्ड और वोटर कार्ड हैं। गाँव से बहार निकले गए कई लोगो को ब्रद्धावस्था पेंशन भी मिलती हैं। ये सभी दस्तावेज यह बताने के लिए ज़रूरी हैं की ये परिवार इस जगह पर कितने दिनों से रह रहे हैं।

निकले गए परिवार के 30 से अधिक बच्चे जो गाँव के स्कूल में पढने जाते थे उनका भी भविष्य  भी अधर में हैं क्योंकि वो भी अब स्कूल नहीं जा सकते। 

कोई टिप्पणी नहीं :

एक टिप्पणी भेजें