3 माह के बच्चे को ढाल बना दलित महिला के साथ सामूहिक बलात्कार!

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मध्य प्रदेश में दलितों के खिलाफ हिंसा और बलात्कार के मामलो में दिन प्रति दिन बढ़ोतरी हो रही हैं। यह वही राज्य हैं जहा एक दलित लड़की को इस लिए बुरी तरह पीटा गया था क्यों की उस की छाया किसी ऊपरी जाती के व्यक्ति के भोजन पर पड गयी थी। लेकिन जहा ऊँची जाती के दरिंदे अपनी काम बासना को संत करना चाहते हैं तो वह सारा छुआ-छूत भूल कर दलित महिलाओ को अपनी हबस का शिकार बनाते हैं। दलितो की पर होने वाले अपराधो को आवाजदेने वाला कोई हैं नहीं इस लिए ये लोग आसान सीकर बन जाते हैं।

ऐसी ही एक घटना भोपाल शहर के बाहरी इलाके में घाटी जहा एक दलित महिला के तीन माह के बच्चे को बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। गाँव के ही दो युवकों ने महिला के घर में गुसकर यह कृत्य किया। उस दौरान महिला के परिजन बाहर गए हुए थे। सोमवार रात (10/08/2015)  हुई इस घटना के बाद पुलिस ने गैंगरेप का मामला दर्ज किया है। हालांकि, आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं और महिला सदमे में हैं।

26 साल की यह दलित महिला घर में अकेली सो रही थी। महिला का पति और परिजन गांव के ही किसी आयोजन में गए थे। घरवाले किसी भी समय लौट सकते थे, ऐसे में महिला ने घर का मुख्य दरवाजा खुला ही छोड़ दिया था। इसी बीच मेहरबान सिंह गुर्जर और प्रदीप साहू नामक दोनों आरोपी घर में घुस आए और उसकी बच्ची को उठा लिया। दोनों ने महिला को धमकी दी अगर उसने शोर मचाया तो वो बच्ची को जान से मार देंगे।

महिला ने अपने बच्चे की जान बचाने की खातिर अपनी आबरू को लूट जाने दिया। इसके बाद दोनों ने महिला के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और उसके साथ बारी बारी से बलात्कार किया। जब महिला के परिजन घर वापस आए तो सबने पुलिस के पास जाकर रिपोर्ट लिखाई। पुलिस के मुताबिक गैंगरेप के आरोपी इसी गांव के हैं और घटना के बाद फरार हो गए।

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