जातिवाद के चक्कर में ब्राह्मणो को ब्राह्मण ने ही लगाया 25 करोड़ का चूना

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कल एक इंग्लिश ब्लॉग को पढ़ते हुए मुझे एक बेहद ही अस्चर्यजनक घटना के बारे में पढ़ने को मिला। इस ब्लॉग पर हैदराबाद में घटित हुई एक घटना का उल्लेख किया गया हैं। जाति-पांति में यकीन रखना कुछ ब्राह्मणो को 25 करोड़ का चूना लगा गया। हैरत की बात यह है कि ठगी का शिकार हुए लोग एनआरआई हैं यानी अप्रवासी भारतीय। और उन के साथ ठगी करने वाला भी एक ब्राह्मण ही हैं। हुआ यू था के एक ब्राह्मण रियल एस्टेट एजेंट ने इनसे एक्सक्लूसिव 'ब्राह्मण कॉलोनी' बनाने का वादा करके 25 करोड़ ठग लिए।

इंग्लिश अखबार डेक्कन क्रॉनिकल की खबर के मुताबिक, कुछ एनआरआई ब्राह्मणो को खास ब्राह्मण कॉलोनी की इतनी चाहत थी कि इन्होंने इसके लिए 25 करोड़ रुपये तक दे दिए। इस फर्जी प्रॉजेक्ट का वादा वाई. प्रभाकर शर्मा ने किया था, उसे पुलिस ने गृफ़्तार कर लिया गया है।

प्रभाकर आंध्र प्रदेश के गुंटूर का रहने वाला है। उसने आंध्र प्रदेश के चेगुर गांव में एक्सक्लूसिव ब्राह्मण कॉलोनी 'वेडा गायत्री अगराहम' बनाने का वादा किया था। इस फेक प्रॉजेक्ट को सच जैसा दिखाने के लिए उसने प्रिंट और टीवी मीडिया में ऐड्स भी दिए। उसने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के ब्राह्मणों को खास तौर पर टारगेट किया। इतना ही नहीं वह कस्टमर्स को फर्ज़ी साइट पर भी ले गया। उसने उनसे अलग गौशाला और मैरिज हॉल का वादा किया।

पढ़े लिखे, वो भी विदेशो में रहने वाले लोगो का इस तरह जातिवाद के बहकावे में आकर बेवखूफ़ बनना आस्चर्य की बात हैं। भारत में ब्राह्मणो को जाति व्यस्था में सबसे ऊपर माना जाता हैं और उन पर ये आरोप भी लगते रहे  हैं की ये ही लोग देश में जाति व्यस्था को बनाये रखना चाहते हैं। भारत में जाति प्रथा और छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयो का 21बी सदी में भी मौजूद होना हिन्दू धर्म के लिए शर्म की हैं। पिछले साल दिसंबर में हुए एक सर्वे में खुलासा हुआ था 27% भारतीय अभी भी जाति -पांति और छुआछूत में यकीन रखते हैं।

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