मथुरा के एक गाँव में 20 दलित परिवार 4 दिन से अपने घर नहीं जा पा रहे हैं!

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28 जुलाई को उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के एक गाँव परखम में 12 साल की लड़की की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। मामले में मृतक लड़की के गांववालों ने आरोपी दो दलित युवको ललुआ एवं सोनू वाल्मीकि के घर पर धावा बोल उन्हें बुरी तरह पीटा जिससे ललुआ की मौके पर ही मौत हो गयी जबकि सोनू को आगरा के एक हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया हैं। घटना के बाद से परखम गांव की दलित बस्ती में सन्नाटा पसरा है।

ललुआ का घर 
एक अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक इस घटना के बाद गांव के अन्य दलित परिवारों में डर का आलम इस कदर था कि तब से करीब 20 दलित परिवार गांव छोड़ चुके हैं। वहीं परखम रेलवे स्टेशन जहां पर आखिरी बार ललुआ को मृत लड़की लाली के साथ देखा गया था अब सुरक्षा के मद्देनजर छावनी में तब्दील हो चुका है। 

बीती 28 जुलाई को मृत लड़की के गांववालों (ठाकुर जाति) ने आरोपी दलित युवक ललुआ उर्फ श्याम के घर पर धावा बोल दिया। आरोप है कि ललुआ ने कुछ दिनों पहले एक ऊंची जाति की लड़की की रेप करने के बाद हत्या कर शव को रेलवे ट्रैक के किनारे फेंक दिया था।

परखम रेलवे स्टेशन गांव को दो हिस्सों में बांटता है जिसके एक छोर पर ठाकुर रहते हैं तो वहीं दूसरे छोर पर दलित परिवार रहते हैं। लेकिन इस घटना के बाद से दलित बस्ती में रहस्यमयी सन्नाटा पसरा है।

दलित बस्ती के लोग घटना के 4 दिन बाद भी अपने घरो को वापस आने से डर रहे हैं। ठाकुर जाती की लोगो का कहना हैं की सोनू वाल्मीकि गाँव  में वापस चाहिए, बाकी लोगो के वापस आने से उन्हें कोई प्रॉब्लम नहीं हैं। 

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