दलित की पिटाई करने पर मिली 2 वर्ष की सजा

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उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के मुस्करा गांव में चुनावी रंजिश के चलते अनुसूचित जाति के एक युवक की लात-घूंसों से पिटाई और जातिसूचक शब्द कहने के मामले में अदालत ने अभियुक्त को दो वर्ष कैद व ढाई हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।

शासकीय अधिवक्ता राकेश यादव ने बताया कि मुस्करा ग्राम के रामपाल पुत्र गंगा कोरी को पिछले 23 मई 2006 को सुबह साढ़े छह बजे गांव के ही बद्री प्रसाद ने चुनावी रंजिश के चलते पिटाई की थी और जातिसूचक शब्द का प्रयोग किया था।

पीडि़त युवक जब रिपोर्ट लिखाने गया तो आदत से लाचार यूपी पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी और उसे भगा दिया। इसके बाद पीडि़त पक्ष ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और 156(3) धारा के तहत अदालत ने पुलिस को 2 जुलाई, 2007 को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे।

यह मामला विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) संतोष कुमार श्रीवास्तव की अदालत में चलता रहा। अब नौ साल बाद अदालत ने दबंग बद्री प्रसाद को दो साल कारावास की सजा काटने को कहा है।

इस घटना से सभी दलित भाइयो को सीख लेनी चाइये। कोई भी आप के साथ मार -पीट करे या जाती सूचक शब्दों का इस्तेमाल करे  पुलिस  रिपोर्ट करें न्याय मिलने में समय लग सकता हैं लेकिन न्याय ज़रूर मिलता हैं।

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