प्यार की आग में जले 148 घर

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वैसे तो दलितों के साथ पूरे देश में अत्याचार हो रहा है। लेकिन तमिलनाडु के धर्मपुरी जिले में हुई घटना से लोग सिहर गए हैं। यहां दो प्रेमियों ने अपने प्यार को अंजाम तक पहुंचाने के लिए मंदिर में शादी रचा ली। इससे नाराज होकर लड़की के घरवालों ने लड़के के गांव के करीब 148 घरों को जला दिया।

तमिलनाडु में दलित लड़के और गैर दलित लड़की के प्रेम विवाह की सजा 148 दलित घरों को भुगतनी पड़ी। 23 वर्षीय इलावरसन और 20 वर्षीय दिव्या एक-दूसरे से बेहद प्यार करते थे। लेकिन दिव्या के घरवाले इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। करीब एक महीने पहले दिव्या अपने प्रेमी इलावरसन के साथ घर से भाग निकली। दिव्या और इलावरसन ने अपने प्रेम को अंजाम तक पहुंचाने के लिए मंदिर में शादी रचा ली। इस शादी से गैरदलित समिति गुस्से से लाल थी। वो लगातार इलावरसन के परिवार वालों को रिश्ते को खत्म करने की धमकी देते रहे।

इलावरसन ने धमकियों के चलते स्थानीय सेलम पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई। जब बात नहीं बनी तो गैरदलितों ने पंचायत करके दिव्या को वापस करने का फरमान सुनाया। दिव्या ने इसे नकारते हुए अपने पिता के घर जाने से इनकार कर दिया। धर्मपुरी के एसपी असरा गर्ग ने बताया कि पंचायत का आयोजन नायाकांकोट्टई गांव में पिछले हफ्ते किया गया था। इस शादी से आहत दिव्या के पिता नागराजन को समझ में नहीं आ रहा था कि अब क्या किया जाए और उन्होंने खुदकुशी कर ली थी। नागराजन की खुदकुशी के बाद गैरदलितों में गुस्सा बहुत था।

करीब 25,00 लोगों की भारी भीड़ ने नाथम, अन्ना नगर और कोंडोपट्टी गांव में घुसकर 148 दलितों के घरों में आग लगा दी। इस घटना के बाद पूरा क्षेत्र तनाव में आ गया, जिसे देखते हुए मुख्यमंत्री जयललिता ने पीड़ितों के लिए मुआवजे की घोषणा की है।

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