उधारी मांगने पर दलित का हाथ तोड़ा, घर में लगाई आग

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उत्तर प्रदेश में दबंग युवकों ने उधारी के रुपये वापस मांगने पर एक दलित महिला के बेटे के साथ कथित रूप से मारपीट की और उनके मकान में आग लगा दी। महिला से भी बदमतीजी गई। पुलिस ने घायल महिला के बेटे की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर अनुसूचित जाति-जनजाति संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत जांच शुरु कर दी है। फिलहाल 24 घंटे बाद भी किसी नामजद की गिरफ्तारी नहीं हुई है। 

मामला बीती रात मथुरा के रिफाइनरी थाना क्षेत्र बमूरी गांव का है, जहां विजय सिंह की पत्नी बादामी देवी उधारी के ढाई सौ रुपये वापस मांगने के लिए पप्पू उर्फ चंद्रसेन के पास गई थी। आरोप है कि पप्पू ने उसे बुरी तरह फटकार भगा दिया। उसने महिला को 'देख लेने' की धमकी दी। इसके बाद वह अपने बेटों के साथ बादामी के पुत्र गुलाब सिंह के खेत पर पहुंच गया। तीनों ने उसे कथित रूप से बुरी तरह पीटा और उसका हाथ तोड़ दिया। लेकिन इस पर भी उसका गुस्सा ठंडा नहीं हुआ तो पहले उसे घसीटते हुए उसके घर तक लाया गया और फिर छप्पर में आग लगा दी। 

गुलाब के परिजनों का आरोप है कि पप्पू ने उसे जलती आग में फेंकने का भी प्रयास किया। घटना की जानकारी पाकर गांव में पहुंचे पुलिस उपाधीक्षक राजेश सोनकर ने गांव वालों को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने बताया कि गांव में जातीय तनाव देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है तथा गुलाब को इलाज के लिए बीती रात ही जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। थानाध्यक्ष छोटे लाल यादव ने बताया कि गुलाब के बेटे की तहरीर पर पप्पू उर्फ चंद्रसेन पुत्र होतीलाल व उसके तीनों बेटों केदार, मानवेंद्र एवं दिगंबर के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर तलाश शुरु कर दी है। फिलहाल चारों फरार हैं।

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