खस्ता हाल में हैं दलित आइकॉन ' दशरथ मांझी ' का परिवार

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बिहार के गया जिले के गहलौर घाटी के पहाड़ को 22 साल तक काटकर रास्ता बनाने वाले दशरथ मांझी को कौन नहीं जानता। उन्हें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक दिन के लिए CM बना दिया था और अपनी कुर्सी पर बैठाया था। दशरथ मांझी के पहाड़ काटकर रास्ता बनाने के कारनामे पर बनी फिल्म 'मांझी द माउंटेन मैन' जल्द ही रिलीज होने वाली है। जहां पिता के कारनामे पर फिल्म बन गई वहीं, उनके बेटे भागीरथ मांझी आज भी बकरी चराने को मजबूर हैं। उनका परिवार झोपड़ी में रहता है और पैसे के लिए मुर्गी और बकरी पालता है।



पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी CM बनने के दो दिन बाद ही गहलौर घाटी गए थे। दशरथ मांझी की समाधि पर नमन करने के बाद वह दशरथ के घर भी गए थे। दशरथ के बेटे भागीरथ मांझी ने कहा था कि साहब झोपड़ी में रहते हैं आप जैसे घरों में रहते हैं उसी तरह का घर बना दिजिए। तब मांझी ने मजाक में कहा था कि झोपड़ी में ही खुश रहो। कोई खराब थोड़े ही है झोपड़ी में रहना। दशरथ मांझी के परिजनों को आज तक इंदिरा आवास का लाभ नहीं मिला। सरकार के वादों को सिर्फ याद करके संतोष करते हैं कि एक दिन मेरा भी घर बन जाएगा।

दशरथ मांझी का परिवार आज भी बकरी चराकर और मुर्गी पालकर जीवन यापन करता है। लालू यादव की सरकार ने 5 एकड़ जमीन दशरथ के परिजनों को दिया था। उसमें से सिर्फ 1.25 एकड़ जमीन पर ही दशरथ के परिवारवालों को कब्जा मिला। बाकी के जमीन पर अभी भी दबंगों का कब्जा है। भागीरथ कहते हैं कि सीओ साहब आए थे नापी कराकर चले गए पर हमारा कब्जा नहीं हुआ है। वह मक्का और धान की खेती करते हैं, लेकिन सिंचाई के अभाव में वह भी भगवान भरोसे ही होता है।

पिता दशरथ मांझी पर फिल्म बनने की खबर से भागीरथ का पूरा परिवार खुश है। उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि बड़े-बड़े शहर के लोग उनसे मिलने आएंगे। गांव में जहां आज भी दलित होने के चलते उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है, बाहर के लोग उनसे बात करने आते हैं। यह देखकर खुशी होती है। भागीरथ का कहना है कि शहर के लोगों को हमारे दलित होने से कोई दिक्कत नहीं होती। लोग हमारे घर का पानी-पीते हैं। पिता के जीवन पर फिल्म बनने से बेटे भागीरथ को भी आर्थिक फायदा हुआ है। फिल्म के डायरेक्टर केतन मेहता ने भागीरथ को 51 हजार रुपए की मदद दी है। इसके साथ ही फिल्म रिलीज होने के बाद और अधिक पैसे देने का वादा किया है।

दशरथ मांझी पर फिल्म बनने की बात चर्चा में आने के बाद से भागीरथ के घर दूर-दूर से लोग पहुंचे रहे हैं। इनमें से ज्यादातर मीडिया के लोग हैं, जो भागीरथ से पिता के बारे में पूछते हैं। कम बोलने वाले और संकोची स्वभाव के भागीरथ के लिए शुरू में यह कठीन काम था कि बाहर के लोगों से कैसे बात करें।

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