दलित व्यक्ति की हत्या : ऊँची जात के लोगो को उसका जीवन स्तर पसंद नहीं आया

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एक अख़बार में छपी खबर 
महाराष्ट्र के सांगली जिले के बोरगाओं गांव में एक  62 वर्षीय बुजुर्ग दलित आदमी की हाल ही में दो ऊँची जाती के व्यक्तियों द्वारा कथित तौर पर इस लिए हत्या करदी क्योंकि उस का जीवन स्तर ऊँची जाती के लोगो से भी अच्छा था। यह बात गाँव के कुछ लोगों को पसंद नहीं आ रही थी।

घटना 15 जुलाई को घटित हुई हैं। वामन न्यायनिर्गुणे अपने खेत में काम कर रहा था तभी मराठा जाति के दो युवकों ने उसकी बेहतर आर्थिक स्थिति को लेकर उस पर ताना मारा और उसे कहने लगे की उसने उन्हें प्रणाम क्यों नहीं किया ?? इतना कहकर वे दोनों उस बुजुर्ग को बुरी तरह से मारने लग गए। वामन न्यायनिर्गुणे की मौके पर ही मौत हो गयी।

मृत व्यक्ति के बेटे रतनदीप के द्वारा दर्ज की गई शिकायत के अनुसार, दो युवकों ने टिप्पणी की थी के दलित परिवार जब से काम के लिए मुंबई गया हैं उन्होंने बहुत तरक्की करली हैं। उन्होंने श्री  वामन न्यायनिर्गुणे से झगड़ा करने का बहाना ढूंढ़ते हुए कहा की उसने उन्हें प्रणाम कयोन नहीं किया?? ऐसा कहकर उन्होंने  वामन न्यायनिर्गुणे पर पीछे से बार कर दिया। जब उसने विरोध किया तो वे आग-बबुला हो गए और बुरी तरह से मारना सुरु कर दिया और तब तक मारते रहे जब तक उसकी मौत नहीं हो गयी।

दोनों आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों अधिनियम (अत्याचार निवारण) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया हैं। पुलिस ने दोनो आरोपियों चंद्रकांत पाटिल और सचिन पाटिल को गिरफ्तार कर लिया है। 

एक स्थानीय संगठन संपदा ग्रामीण महिला संस्था द्वारा जारी किए गए विरोध पत्र के अनुसार पीड़ित व्यक्ति मुंबई में एक कुली के रूप में काम करता था और सेवानिवृत्ति के बाद गांव में आया था।उसने अपने जीवन की सारी कमाई का निवेश अपनी जमीन में किया और इसी के फलस्वरूप अपने खेतो में अच्छी फसल पैदा कर रहा था। यही बात गाँव में ऊँची जाती मराठा के लोगो को खटक रही थी। 

महाराष्ट्र में इस तरह की जातिगत घटनाएं पहले भी होती रही हैं तथा यह भी सामने आया हैं की राज्य में इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं। 

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