दलित इंजिनियर की हत्या जातीय हिंसा से प्रेरित

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तमिलनाडु में हाल में एक दलित इंजीनियर की हत्या को जाति संबंधित हिंसा बताते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने गुरुवार को कहा कि इसे महज हत्या बताकर नजरंदाज नहीं किया जा सकता और दोषियों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिये ।  एनसीएससी अध्यक्ष पी एल पुनिया ने कहा कि पिछले सप्ताह नामक्कल में दलित इंजीनियर गोकुलराज की हत्या एक गंभीर मामला है। 
राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता के बाद पूनिया ने संवाददाताओं से कहा, 'यह एक गंभीर मामला है। इस मामले में कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। इसे हत्या बताकर नजरंदाज नहीं किया जा सकता।' उन्होंने कहा कि कानूनी प्रावधानों- आईपीसी की धारा 302 हत्या या एससी, एसटी अत्याचार रोकथाम कानून लगाना ही पर्याप्त नहीं होगा बल्कि गुंडा कानून या राज्य का कठोर कानून भी दोषियों पर लगाया जाना चाहिए। 

उन्होंने कहा, 'यह जाति संबंधी हिंसा है और यह फैल सकती है। राज्य सरकार को इसे रोकना चाहिए।' 27 जून को नामक्कल जिले के पल्लीपालयम के निकट रेलवे लाइन पर गोकुलराज का शव पाए जाने के बाद उनके रिश्तेदारों ने प्रदर्शन किया था और इसे इज्जत की खातिर हत्या का मामला बताया था। संदेह है कि हत्या का कारण दूसरी जाति की एक लड़की से प्रेम संबंध हो सकता है। इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है । 

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