12 लोग मुझे मारते रहे मैंने बेहोस होने का नाटक कर अपनी जान बचाई : दलित आरटीआई कार्यकर्ता

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पिछले सप्ताह राजस्थान के जैसलमेर जिले में कुछ नकाबपोश पुरुषों द्वारा जिस दलित आरटीआई कार्यकर्ता,बाबुराम मेघवाल, हमला किया गया था, ने कहा कि वह जिले में बड़े पैमाने पर भूमि अतिक्रमण को प्रकाश में लाने के लिए कार्य कर रहे थे। बाबुराम मेघवाल  ने बताया की लगभग 12 नकाबपोश आदमी, एक जीप में आए उनका अपहरण कर लिया और रनउ से  50 किमी दूर किसी स्थान पर ले के चले गए।

बाबूराम  मेघवाल ने अपने साथ हुए अत्याचारों को गिनाते हुइए बताया की उन्हें किस तरह गर्म रेत में दौड़ाया , उन के सर के बाल काट दिए, उन्हें मूत्र पिलाया गया। उन्हें इतना मारा गया की उन क एक हाथ व दोनों पैरो की हड्डियाँ भी टूट गयी। इतना ही नहीं आरोपी उन्हें रेगिस्तान में तपती धूप में मरने क लिए छोड़ के  चले गए।


जान बचाने क लिए बाबूराम ने समझदारी दिखाते हुए चिल्लाना बंद कर दिया और अपनी साँस रोक कर  बेहोसी का नाटक किया जिस से आरोपी बिचलित हो गए और मारना बंद कर दिया। अपराधी बाबुराम को मरा हुआ समझ कर उस की लाश को भी ठिकाने लगाने की योजना बना रहे थे। फिलहाल बाबुराम का इलाज़ गुजरात के दिशा में एक अस्पताल में चल रहा हैं।

गौरवतल हैं की बाबू राम 2008 से ही अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित भूमि के भारी हिस्से पर अवैध अतिक्रमण को बेनकाब करने के लिए काम कर रहे है। 

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