दलित बाल्मिकी भाई वने भारत की जीत के हीरो

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बेल्जियम के एंटवर्प शहर में चल रही विश्व हॉकी लीग के एक मैच में भारत ने पोलैण्ड को 3-0 से हरा दिया हैं। भारत की इस टूर्नामेंट में लगातार दूसरी जीत थी। 
Balmiki Brothers
इस जीत की खास बात यह थी के इस जीत के हीरो 2 दलित भाई ,युवराज और देवेंदर वाल्मिकी रहे। युवराज वाल्मिकी ने खेल के 23वे में मिनट में शानदार मैदानी गोल किया। वही देवेंदर ने खेल के 52वे मिनट में गोल करके भारत की जीत पक्की करदी।

 दोनों भाइयो का शानदार प्रदर्शन यह बताता हैं की प्रतिभा किसी जाती या समुदाय विशेष की जागीर नहीं होती हैं। अगर मौका और उचित सुविधाए उपलब्ध करवाई जाये तो दलित और आदिवाशी लोग भी ऊँची जाती के लोगो से अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। आरक्षण को कोशने वाले सवर्ण लोग यह क्यों नहीं मानते की दलितों में  प्रतिभा की कमी नहीं होती और ये दोनों भाई इस बात का जीता जागता उदाहरण हैं।

दोनों भाइयों के भारतीय हॉकी टीम तक में शामिल होने तक की कहानी किसी फ़िल्मी हीरो से काम नहीं हैं। दोनों भाइयो का जन्म उत्तेर प्रदेश के अलीगढ में हुआ तथा दोनों मुंबई की झुग्गी -झोपड़ी में पीला बड़े। दोनों भाई बाल्मीकि जाती से हैं। वाल्मीकि जाती अपने आप पर होते रहे जाती आधारित अपराध एबं अत्याचारों के लिए जानी जाती हैं।

दोनों भाइयो का भारतीय टीम की जीत में योगदान देना सारे दलित एबं आदिवाशियों के लिए गर्व की बात हैं। 

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