आरक्षण को खत्म करने की बात करने वालो के लिए कुछ सवाल

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आरक्षण को सभी जगह से ख़त्म कर देना चाहिए।इसी आरक्षण ने समाज को नुकसान पहुचाया है लोग एकदूसरे को फूटी आँख नही सुहा रहे है।
रेलवे में आरक्षण,
बस, ट्रेन और प्लेन में आरक्षण
इन सभी को ख़त्म कर देना चाहिए

मंदिरो में जन्म जात पुजारियो का आरक्षण
वहां अन्य लोगो को घुसने भी नही दिया जाता है पुरोहित केवल ब्राम्हण ही है उस आरक्षण को भी ख़त्म करे
संकराचार्य की कुर्सी सदियो से ब्रामहण वर्ग के लिए आरक्षित राखी है उस आरक्षण को भी ख़त्म करे।
ब्राम्हणो के घर पैदा लेने वाला ब्राम्हण
क्षत्रियो के घर पैदा लेने वाला क्षत्रिय
वैश्यो के घर जन्म लेने वाला वैश्य
शुद्रों के घर पैदा लेने वाला शुद्र
जन्म के साथ जो जातिवादी आरक्षण का टैग लगा है उसे भी बन्द करे।
इन्ही आरक्षित वर्ग में शादी को भी बैन करना चाहिए और जाति विच्छेद द्वारा
ब्राम्हण सूद्र से,
क्षत्रिय बैश्य से,
वैश्य ब्रम्हणसे,
शुद्र क्षत्रिय से,
अर्रेंगे करके
शादी करना चाहिए
ये भी जन्म जात आरक्षण है इसे भी बन्द होना चाहिए।
शिक्षा को सामान बनाओ
कोई कान्वेंट नही,
कोई सरस्वती शिशु मंदिर नही,
कोई डीपीएस नही,
कोई नेशनल नही,
कोई इंटेरनाशनल नही,
कोई स्टेट स्कूल नही
सभी के पाठ्यक्रम कॉमन हो
सामान हो।
केवल नौकरी में आरक्षण का विरोध क्यों
सभी में सामान रूप से विरोध करे।
तो मैं इस विरोध के समर्थन में हु।

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